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PATHALGAON
16 Sep 2026
*64 लाख की नई बाउंड्रीवॉल में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल!
Rajesh Agrawal
Khabar Hatkar Verified Reporting Desk
*नियमों की अनदेखी पर भड़के जनप्रतिनिधि, शिकायत के बाद अधिकारियों ने निर्माण कार्य रुकवाया*
पत्थलगांव। शासकीय ठाकुर शोभा सिंह महाविद्यालय की बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग की देखरेख में लाखों रुपए की लागत से बन रही नई बाउंड्रीवॉल में पुरानी लाल ईंटों के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। मामले की शिकायत के बाद राजस्व एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। नगर पंचायत उपाध्यक्ष अजय बंसल ने आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग के संरक्षण में बन रही शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्रीवॉल में ठेकेदार द्वारा निर्धारित शासकीय मापदंडों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि नई बाउंड्रीवॉल के निर्माण में फ्लाई ऐश ईंटों का इस्तेमाल किया जाना निर्धारित है, लेकिन लागत कम करने के उद्देश्य से ठेकेदार द्वारा पुरानी बाउंड्रीवॉल से निकाली गई लाल ईंटों को दोबारा निर्माण में लगाया जा रहा है।
*चार दशक पुरानी दीवार की ईंटें दोबारा इस्तेमाल करने का आरोप -:*
नगर पंचायत उपाध्यक्ष अजय बंसल के अनुसार महाविद्यालय परिसर की पुरानी बाउंड्रीवॉल लगभग चार दशक पुरानी थी, जिसे हटाकर नई दीवार का निर्माण कराया जा रहा है। पुरानी दीवार से निकलने वाली ईंटें लंबे समय से मौसम और समय की मार झेल चुकी हैं। आरोप है कि इन ईंटों से मिट्टी और पुराना सीमेंट हटाकर उन्हें नई बाउंड्रीवॉल में पुनः जोड़ा जा रहा है। श्री बंसल का कहना है कि जब शासन द्वारा नई बाउंड्रीवॉल के निर्माण के लिए लगभग 64 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है, तो निर्माण में गुणवत्ता से समझौता क्यों किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नई दीवार के लिए निर्धारित सामग्री का उपयोग किया जाना है, तो पुरानी और कमजोर ईंटों को दोबारा लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह महज ठेकेदार की लापरवाही नहीं, बल्कि निर्माण स्थल पर मौजूद जिम्मेदार तकनीकी कर्मचारियों और साइट इंजीनियर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। निर्माण कार्य के दौरान साइट इंजीनियर की जिम्मेदारी होती है कि वह मौके पर इस्तेमाल होने वाली सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी करे, लेकिन यदि घटिया सामग्री का उपयोग उसकी मौजूदगी में होता रहा, तो यह विभागीय निगरानी व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है।
*पुरानी जगह से खिसककर बन रही बाउंड्रीवॉल, भूमाफियाओं से मिलीभगत का आरोप-:*
उपाध्यक्ष अजय बंसल ने बाउंड्रीवॉल के निर्माण स्थल की स्थिति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूर्व में शासकीय ठाकुर शोभा सिंह महाविद्यालय की बाउंड्रीवॉल निर्धारित भूमि सीमा के अनुरूप काफी पीछे बनी हुई थी, लेकिन वर्तमान निर्माण में दीवार की स्थिति पुरानी जगह से अंदर की ओर खिसकती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों और भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत कर शासकीय भूमि की सीमा को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
*शिकायत के बाद अधिकारियों ने रुकवाया काम-:*
निर्माण में पुरानी ईंटों के इस्तेमाल और अन्य अनियमितताओं को लेकर नगर पंचायत उपाध्यक्ष अजय बंसल ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी संतोष पैंकरा के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद दोनों अधिकारियों ने बुधवार को महाविद्यालय परिसर पहुंचकर निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। मौके की स्थिति का जायजा लेने के बाद बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि निर्माण कार्य के निर्धारित मापदंडों, उपयोग की जा रही सामग्री और बाउंड्रीवॉल की स्थिति का सूक्ष्म परीक्षण किया जाएगा। जांच के बाद ही आगे निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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