*साइबर ठगी से बचने पुलिस ने किया जागरूक, 1930 हेल्पलाइन की दी जानकारी* *डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देश पर जिलेभर में चल रही मुहिम, एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जितेंद्र ताम्रकार ने संभाली कमान*
Rajesh Agrawal
Khabar Hatkar Verified Reporting Desk
पत्थलगांव। बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए जिला पुलिस द्वारा लगातार साइबर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देशन में लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए जिलेभर में मुहिम संचालित की जा रही है। इसी क्रम में एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल के मार्गदर्शन में पत्थलगांव के नवपदस्थ थाना प्रभारी जितेंद्र ताम्रकार के नेतृत्व में साइबर जनजागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीणों, महिलाओं सहित आम नागरिकों को साइबर ठगी के बदलते तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। थाना प्रभारी जितेंद्र ताम्रकार ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी केवाईसी अपडेट के नाम पर तो कभी इनाम, लोन, नौकरी अथवा लिंक भेजकर लोगों से ठगी की जा रही है।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा—जागरूकता से ही अपराध पर लगेगी रोक
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देशन में जिले में लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य केवल साइबर अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को पहले से जागरूक कर उन्हें ठगी का शिकार होने से बचाना है। पुलिस द्वारा आम नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों की जानकारी देने के साथ ही शिकायत की तत्काल प्रक्रिया के बारे में भी बताया जा रहा है। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार, परिचितों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दें।
*थाना प्रभारी ने बताया—सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार -:*
थाना प्रभारी जितेंद्र ताम्रकार ने लोगों से कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में आए लिंक को क्लिक न करें और किसी के साथ भी ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, बैंक पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। बैंक अथवा किसी सरकारी संस्था का अधिकारी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति की बातों में आकर अपनी गोपनीय जानकारी देने से बचें। उन्होंने कहा कि संदेह होने पर तत्काल संबंधित बैंक से संपर्क करें और किसी भी प्रकार की ठगी होने पर बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने, संदिग्ध एप डाउनलोड करने तथा लालच में आकर ऑनलाइन भुगतान करने से भी बचने की अपील की। थाना प्रभारी ने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता लोगों को बड़ी आर्थिक क्षति से बचा सकती है।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी जितेंद्र ताम्रकार, पुलिस कर्मचारी, ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। पुलिस ने जरूरत पड़ने पर सीधे संपर्क के लिए थाना पत्थलगांव का मोबाइल नंबर 9479193616 भी सार्वजनिक किया।