PATHALGAON
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24 Aug 2026
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टेट की अनिवार्यता के खिलाफ 25 अगस्त को शिक्षक निकालेंगे तिरंगा रैली, मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
Rajesh Agarwal
Khabar Hatkar Verified Reporting Desk
मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन, सेवा सुरक्षा व पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर लामबंद शिक्षक
पत्थलगांव:-
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदेशभर के शिक्षक 25 अगस्त को जिला मुख्यालयों में तिरंगा ‘टेट मुक्ति रैली’ निकालकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन करेंगे। रैली के बाद शिक्षक मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। रैली में शिक्षक तिरंगे के सम्मान के साथ बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि शिक्षकों की भर्ती एवं पदोन्नति से संबंधित नियमों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता का प्रावधान नहीं होने के बावजूद पदोन्नति के लिए TET को अनिवार्य किए जाने की प्रक्रिया से प्रदेश के शिक्षकों में असंतोष और चिंता का माहौल है। मोर्चा के अनुसार, शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करने का समय दिया गया है, इसके बावजूद सेवा एवं पदोन्नति को लेकर उत्पन्न हो रही अनिश्चितता शिक्षकों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मोर्चा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के संदर्भ में राज्य में नियमित रूप से शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं की गई तथा प्रदेश के शिक्षकों के लिए अब तक TET अनिवार्य नहीं रहा है। इसी कारण बड़ी संख्या में शिक्षक अब तक TET उत्तीर्ण नहीं कर सके हैं। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति को लेकर उत्पन्न स्थिति के समाधान की मांग को लेकर प्रदेशभर के सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधान पाठक एवं व्याख्याता एकजुट हो रहे हैं।
प्रमुख मांगें
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षकों के हित में निम्न प्रमुख मांगें रखी हैं—
1. TET से पूर्ण राहत: सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति के लिए शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
2. पूर्व सेवा की गणना एवं सेवा लाभ: शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि की गणना करते हुए पूर्ण पेंशन तथा अन्य सभी सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।
3. केंद्रीय वेतनमान एवं वेतन विसंगति का निराकरण: राज्य के शिक्षकों को केंद्र के समान वेतनमान दिया जाए तथा वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
4. भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन: 13 फरवरी 2026 को जारी भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जाएं।
5. B.Ed. ब्रिज कोर्स: शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति के लिए शासन स्तर पर ब्रिज कोर्स के माध्यम से B.Ed. की व्यवस्था की जाए।
मोर्चा ने कहा कि शिक्षक संघर्ष मोर्चा पूर्व में भी शिक्षकों की एकजुटता के बल पर दो महत्वपूर्ण मांगों—शिक्षकों का शासकीय सेवा में संविलियन तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ—के लिए प्रभावी संघर्ष कर चुका है।
आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने की अपील
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव, संतोष टांडे एवं विनय सिंह ने संयुक्त रूप से प्रदेश के सभी संवर्गों के शिक्षकों से 25 अगस्त को जिला मुख्यालयों में आयोजित रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा, “यह लड़ाई किसी एक शिक्षक की नहीं, बल्कि प्रदेश के हर शिक्षक के भविष्य, सेवा सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई है। अपने हक और भविष्य की रक्षा के लिए 25 अगस्त को जिला मुख्यालय में आयोजित रैली में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएं।”
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