PATHALGAON
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05 Sep 2026
*पत्थलगांव के गांवों में हाथियों की दहाड़, 12-14 के झुंड ने बढ़ाई दहशत*
Rajesh Agarwal
Khabar Hatkar Verified Reporting Desk
ईला से छोटा कुनकुरी तक हाथियों का डेरा, धान की फसलें रौंद रहे दंतैल | करीब 50-60 हाथियों का दल जिले के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय.वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों और उनकी दिशा पर लगातार नजर रख रही है। ग्रामीणों को भी समय-समय पर आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने विशेष रूप से अपील की है कि अंधेरा होने के बाद घर से बाहर न निकलें, जंगल की ओर न जाएं और हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से बचें। हाथियों का दल दिखाई देने पर उनके करीब जाकर फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश न करें और न ही शोर मचाकर या किसी अन्य तरीके से उन्हें परेशान करें। हाथियों को रास्ता दें, दूरी बनाए रखें और किसी भी स्थिति में उन्हें उकसाने का प्रयास न करें।
पत्थलगांव-पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों जंगली हाथियों की लगातार आमद ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पत्थलगांव के नजदीक ग्राम ईला, मदनपुर, इंजको, बालकपौढ़ी, ठाकुरपोढ़ी, जोराडोल, तिलडेगा और छोटा कुनकुरी सहित आसपास के क्षेत्रों में हाथियों के दल की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि करीब 12 से 14 हाथियों का एक झुंड इन इलाकों में लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों का दल जंगल से निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों तक पहुंच रहा है, इस दौरान कई जगहों पर हाथियों द्वारा धान की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाने की जानकारी सामने आ रही है। खेतों में हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीण अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं और शाम होते ही घरों से बाहर निकलने से भी बच रहे हैं। 
*हाथियों के करीब जाकर वीडियो बनाने वालों से वन विभाग नाराज -:*
हाथियों की मौजूदगी के बीच कुछ ग्रामीणों की लापरवाही भी सामने आ रही है। कई लोग हाथियों के बेहद करीब जाकर फोटो और वीडियो बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि कुछ ग्रामीण हाथियों को भगाने अथवा उन्हें परेशान करने की कोशिश भी कर रहे हैं। वन विभाग ने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए ग्रामीणों को सख्त चेतावनी दी है। पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के रेंजर कृपा सिंधु पैंकरा ने कहा कि हाथियों के नजदीक जाना किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है। हाथी सामान्य स्थिति में शांत नजर आ सकते हैं, लेकिन खतरा महसूस होने या छेड़खानी किए जाने पर वे आक्रामक होकर रौद्र रूप ले सकते हैं। रेंजर कृपा सिंधु पैंकरा ने कहा, “ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि हाथियों के बिल्कुल करीब न जाएं। उनके साथ किसी तरह की छेड़खानी न करें और न ही उन्हें परेशान करने या भगाने का प्रयास करें। हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है और उन्हें सुरक्षित तरीके से ग्रामीण क्षेत्र से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है।”
*जिले में 50-60 हाथियों के दल की मौजूदगी -:*
वन विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों अकेले पत्थलगांव क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरे जशपुर जिले के अलग-अलग वन क्षेत्रों में करीब 50 से 60 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। हाथियों के लगातार गांवों और खेतों की ओर पहुंचने से मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
हाथी और इंसान के बीच द्वंद्व कोई नई बात नहीं है। वर्षों से जंगल और आबादी के बीच बढ़ते टकराव के कारण दोनों के बीच संघर्ष की स्थिति बनती रही है। विशेषज्ञों और वन विभाग के अनुसार जंगलों में लगातार हो रही कटाई और प्राकृतिक आवास में कमी के कारण हाथियों का विचरण क्षेत्र प्रभावित हुआ है। भोजन और पानी की तलाश में हाथी अब उन क्षेत्रों की ओर भी पहुंच रहे हैं, जहां पहले उनकी मौजूदगी कम देखने को मिलती थी।।
*एक माह पहले शहर तक पहुंच गया था हाथियों का दल -:*
पत्थलगांव में हाथियों की आमद का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गया है। करीब एक माह पूर्व हाथियों का दल शहर के रायगढ़ रोड क्षेत्र तक पहुंच गया था। उस समय भी वन विभाग की टीम को हाथियों को आबादी क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। अब एक बार फिर हाथियों के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार विचरण करने से लोगों में भय का माहौल है।।
*वन विभाग की एडवाइजरी, ग्रामीणों को सावधानी बरतने की अपील -:*
वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों और उनकी दिशा पर लगातार नजर रख रही है। ग्रामीणों को भी समय-समय पर आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने विशेष रूप से अपील की है कि अंधेरा होने के बाद घर से बाहर न निकलें, जंगल की ओर न जाएं और हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से बचें। हाथियों का दल दिखाई देने पर उनके करीब जाकर फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश न करें और न ही शोर मचाकर या किसी अन्य तरीके से उन्हें परेशान करें। हाथियों को रास्ता दें, दूरी बनाए रखें और किसी भी स्थिति में उन्हें उकसाने का प्रयास न करें।।।
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