PATHALGAON
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06 Sep 2026
*डराया-बहकाया और खाते से उड़ा दिए 95 हजार: शहर में बढ़ रहा साइबर ठगी का जाल* बिजली फिटिंग का काम करने वाले बबलू राठौर को बनाया शिकार, PhonePe के जरिए रकम उड़ाई; पुलिस ने कहा- किसी भी कॉल, लिंक या वीडियो कॉल पर न करें भरोसा*
Rajesh Agrawal
Khabar Hatkar Verified Reporting Desk
पत्थलगांव एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने क्षेत्रवासियों को साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि साइबर ठग स्पैम मैसेज, संदिग्ध लिंक, ओटीपी, फर्जी बैंक कॉल, एटीएम ब्लॉक-अनब्लॉक, केवाईसी और आधार कार्ड से जुड़े बहानों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
पत्थलगांव- शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बीते कुछ दिनों में साइबर ठगों ने एक के बाद एक नागरिकों को अपना निशाना बनाते हुए लाखों रुपए की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ किया है। शनिवार को भी साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया, जिसमें बिजली फिटिंग का काम करने वाले बबलू राठौर के खाते से ठगों ने PhonePe के माध्यम से करीब 95 हजार रुपए उड़ा लिए। मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने साफ कर दिया है कि साइबर ठग अब लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी के वाई सी अपडेट के नाम पर तो कभी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डराया-धमकाया जाता है। कई मामलों में ठग लिंक भेजकर, ओटीपी पूछकर या एटीएम और बैंक खाता बंद होने का डर दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
पुलिस अधिकारी बनकर भी डराते हैं ठग, वीडियो कॉल पर वर्दी और सायरन तक का इस्तेमाल-:पत्थलगांव एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने क्षेत्रवासियों को साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि साइबर ठग स्पैम मैसेज, संदिग्ध लिंक, ओटीपी, फर्जी बैंक कॉल, एटीएम ब्लॉक-अनब्लॉक, केवाईसी और आधार कार्ड से जुड़े बहानों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं, ठग अब फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल तक कर रहे हैं। कई मामलों में ठग वीडियो कॉल के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर सामने आते हैं और पीछे पुलिस सायरन या थाने जैसा माहौल दिखाकर लोगों को विश्वास में लेते हैं। इसके बाद किसी अपराध में नाम आने, गिरफ्तारी होने या जांच का डर दिखाकर मोटी रकम की मांग की जाती है।
डर के आगे न झुकें, कोई ओटीपी बताए तो समझें खतरे की घंटी-:एसडीओपी जायसवाल ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, वीडियो कॉल, लिंक या मैसेज पर तत्काल भरोसा न करें। पुलिस, बैंक या कोई भी अधिकृत संस्था फोन पर ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी नहीं मांगती। किसी के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करने या स्क्रीन शेयर करने से भी बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठग आम नागरिकों को उनकी अज्ञानता और डर का फायदा उठाकर फंसाते हैं। इसलिए किसी भी तरह के ट्रैप में न फंसे और घबराकर कोई पैसा ट्रांसफर न करें।
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत थाने पहुंचे-:पुलिस की ओर से साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ लोगों को जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वरिष्ठ जिला पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उम्मेद सिंह ने भी साइबर अपराधों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साइबर ठगों की धरपकड़ के साथ ही आम लोगों को जागरूक करने पर भी पुलिस का विशेष जोर है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति का फोन आए, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर कोई वीडियो कॉल करे, बैंक या केवाईसी के नाम पर जानकारी मांगी जाए अथवा किसी लिंक के जरिए रकम निकालने का प्रयास हो तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी संदिग्ध घटना की जानकारी नजदीकी थाने में दें, ताकि पुलिस समय रहते कार्रवाई कर सके।
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