PATHALGAON
PATHALGAON
11 Oct 2026
*अग्रसेन जयंती में ‘माय सुपर पेरेंट्स’ ने बांधा समां, नाट्य प्रस्तुतियों से दिया संस्कार और जिम्मेदारी का संदेश,बेटियों की शिक्षा से लेकर माता-पिता की देखभाल तक, मंच पर दिखी परिवार की अहमियत*
Rajesh Agrawal
Khabar Hatkar Verified Reporting Desk
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन भी माय सुपर पेरेंट्स नाट्य प्रतियोगिता के जैसा ही रहा
जिसका सफल संचालन दिनेश अग्रवाल(मधुवन) एवं उनकी पुत्री द्वारा किया गया
पत्थलगांव। अग्रसेन जयंती के कार्यक्रमों की श्रृंखला में अग्रवाल नवयुवक समिति द्वारा आयोजित ‘माय सुपर पेरेंट्स’ प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। इसमें बच्चों और अभिभावकों ने एक साथ मंच पर नाट्य प्रस्तुतियां देकर समाज को शिक्षा, संस्कार, पारिवारिक जिम्मेदारी और माता-पिता के प्रति सम्मान का संदेश दिया। सभी प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
प्रतियोगिता में राहुल गर्ग एवं उनकी पुत्री ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी प्रस्तुति में बेटियों को उच्च शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा दी गई। नाट्य के माध्यम से दिखाया गया कि राहुल गर्ग अपनी पुत्री को बेहतर शिक्षा के लिए बड़े महानगर में भेजते हैं, जहां से वह पायलट बनकर लौटती है। आगे चलकर जब पिता वृद्धावस्था में पहुंचते हैं, तो बेटी उनकी देखभाल कर अपना कर्तव्य निभाती है। इस प्रस्तुति ने संदेश दिया कि बेटियां भी माता-पिता का मजबूत सहारा बन सकती हैं और उन्हें उचित अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। वहीं संकेत गोयल एवं उनके पुत्र ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि निधि एवं मनीष गर्ग और उनकी पुत्री ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उनकी प्रस्तुति में बच्चों के बचपन से लेकर बड़े होने तक माता-पिता के प्रेम, चिंता और जिम्मेदारियों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।
नाट्य के माध्यम से बताया गया कि बचपन में माता-पिता का लाड़-प्यार अच्छा लगता है, लेकिन बड़े होने पर उनकी रोक-टोक कई बार बच्चों को बुरी लगने लगती है। जबकि अभिभावकों की चिंता और अनुशासन के पीछे हमेशा बच्चों का बेहतर भविष्य और उनकी भलाई की भावना होती है।
प्रतियोगिता की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देना अभिभावकों की जिम्मेदारी है, तो वहीं माता-पिता की वृद्धावस्था में उनकी देखभाल करना बच्चों का कर्तव्य है। बेटा हो या बेटी, दोनों अपने माता-पिता का सहारा बन सकते हैं। ऐसे आयोजन मनोरंजन के साथ समाज को पारिवारिक मूल्यों और आपसी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का माध्यम बनते हैं। 
इस अवसर पर अग्रवाल सभा के अध्यक्ष अनिल मित्तल ने प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाते हैं। ‘माय सुपर पेरेंट्स’ एक बेहद अच्छी प्रतियोगिता रही, जिसमें बच्चों और अभिभावकों ने मिलकर महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश दिए।
इस कार्यक्रम का सफल मंच संचालन भी माय सुपर पेरेंट्स नाट्य प्रतियोगिता के जैसा ही रहा जिसका सफल संचालन दिनेश अग्रवाल(मधुवन) एवं उनकी पुत्री द्वारा किया गया।।
Share this update: