PATHALGAON
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15 Oct 2026
नवरात्रि में 102 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी, प्रबल प्रताप जूदेव ने चरण पखारकर किया स्वागत सक्ती जिले को धर्मांतरण-मुक्त बनाने का आह्वान, बोले प्रबल प्रताप जूदेव—संस्कृति और मूल आस्था की रक्षा के लिए समाज को होना होगा एकजुट
Rajesh Agrawal
Khabar Hatkar Verified Reporting Desk
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि सक्ती जिले में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर समाज को जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सेवा के नाम पर लोगों को प्रभावित कर उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान बदलने की कथित गतिविधियों पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और जीवन परंपरा का आधार है।
जैजैपुर-नवरात्रि के पावन पर्व पर सक्ती जिले के जैजैपुर क्षेत्र अंतर्गत गलगलाडीह में श्रीमद् देवी भागवत कथा के मंच से 102 परिवारों की विधि-विधानपूर्वक सनातन धर्म में घर वापसी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख एवं भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने स्वयं परिवारों के चरण पखारकर उनका स्वागत किया। उन्होंने सनातन संस्कृति, परंपराओं और मूल आस्था से जुड़े रहने का संदेश देते हुए सक्ती जिले को धर्मांतरण-मुक्त बनाने के लिए समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। धर्म जागरण समन्वय, धर्म सेना, सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन एवं दिलीप सिंह जूदेव फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, ग्रामीणजन और सनातन समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। नवरात्रि के चौथे दिन आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच घर वापसी करने वाले परिवारों का स्वागत किया गया।
सेवा की आड़ में धर्मांतरण पर जताई चिंता-कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि सक्ती जिले में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर समाज को जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सेवा के नाम पर लोगों को प्रभावित कर उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान बदलने की कथित गतिविधियों पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और जीवन परंपरा का आधार है। अपनी जड़ों, परंपराओं और मूल आस्था से जुड़े रहना प्रत्येक समाज की ताकत है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दबाव की स्थिति में लोगों को जागरूक किया जाए तथा धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा घर वापसी अभियान-स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के संकल्पों का स्मरण करते हुए प्रबल प्रताप जूदेव ने कहा कि अपनी संस्कृति और मूल आस्था से जुड़ाव ही समाज की वास्तविक पहचान एवं शक्ति है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए जागरूकता, संगठन और सामाजिक एकजुटता आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनी मूल आस्था और सांस्कृतिक गौरव के प्रति जागरूकता पहुंचाने का अभियान जारी रहेगा। मां दुर्गा के महिषासुरमर्दिनी स्वरूप का स्मरण करते हुए उन्होंने मातृशक्ति से विशेष रूप से आगे आने और सनातन धर्म, संस्कृति तथा सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। साथ ही सक्ती जिले को धर्मांतरण-मुक्त बनाने के संकल्प के साथ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
महापुरुषों के त्याग और समर्पण को किया याद-विश्व हिंदू परिषद के आचार्य राकेश ने स्वामी श्रद्धानंद, स्वामी लक्ष्मणानंद, अशोक सिंघल और स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाज को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए कार्य करना चाहिए। वहीं, धर्म जागरण समन्वय की महिला शक्ति प्रांत संयोजिका अंजू गाबेल ने मातृशक्ति से एकजुट होकर मां भगवती के दरबार में सक्ती जिले को धर्मांतरण-मुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
102 परिवारों ने जताया हर्ष, धर्म सेना ने निकाली बाइक रैली-कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म में पुनः लौटने वाले 102 परिवारों ने अपने मूल समाज और परंपराओं से जुड़ने पर खुशी व्यक्त की। आयोजकों के अनुसार, परिवारों ने इस अवसर पर गौरव और आत्मीयता की भावना साझा की। कार्यक्रम के बाद धर्म सेना की ओर से बाइक रैली निकाली गई। रैली में जय श्रीराम के जयघोष से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित-कार्यक्रम में कृष्णकांत चंद्रा, कीर्तन चंद्रा, गगन जयपुरिया, पुष्पा परदेशी खुंटे, सीताराम चंद्रा, बालेश्वर साहू, रामकुमार यादव, काशीराम चंद्रा, सुमीत अग्रवाल, बलराम चंद्रा, दीपचंद अग्रवाल और केशव प्रसाद चंद्रा सहित स्थानीय ग्राम प्रमुख, सनातन समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, युवा समिति के सदस्य, मातृशक्ति, ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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