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03 Sep 2026
खनिजों की धरती से हाईटेक हब तक,नई औद्योगिक उड़ान भर रहा छत्तीसगढ़ : 8 लाख करोड़ के निवेश से बदलेगा छत्तीसगढ़ का औद्योगिक चेहरा,हाईटेक इंडस्ट्री पर बड़ा दांव
Rajesh Agarwal
Khabar Hatkar Verified Reporting Desk
इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, एआई, फार्मा और ग्रीन स्टील पर सरकार का फोकस : करीब 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों से बदल रही औद्योगिक तस्वीर,छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान अब केवल खनिज और प्राथमिक प्रसंस्करण तक सीमित नहीं रहने वाली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कच्चे संसाधनों के बजाय वैल्यू एडेड और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, एआई और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्र राज्य की नई औद्योगिक रणनीति के केंद्र में हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान अब केवल खनिज और प्राथमिक प्रसंस्करण तक सीमित नहीं रहने वाली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कच्चे संसाधनों के बजाय वैल्यू एडेड और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, एआई और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्र राज्य की नई औद्योगिक रणनीति के केंद्र में हैं।
औद्योगिक नीति 2024-30 बनी बदलाव का आधार
राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और उनके मूल्य संवर्धन के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एआई, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा, रक्षा और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। इसका लक्ष्य छत्तीसगढ़ को केवल खनिजों का आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि तैयार उत्पादों और उन्नत तकनीक आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाना है।
करीब 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। राज्य के निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार पिछले करीब 18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
इन निवेश प्रस्तावों में पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों के साथ-साथ एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे नए क्षेत्रों की भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
नवा रायपुर में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े निवेश तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव राज्य की बदलती औद्योगिक दिशा को दर्शाते हैं। वहीं राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) को मंजूरी मिलने से 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और करीब 9,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद है।
स्टील से आगे ग्रीन स्टील की ओर
स्टील उत्पादन में मजबूत आधार रखने वाला छत्तीसगढ़ अब इस क्षेत्र में भी अगली पीढ़ी की तकनीक और उत्पादन पर जोर दे रहा है। कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित विनिर्माण को बढ़ावा देने के बीच ग्रीन स्टील राज्य के लिए बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है।
हाल ही में आयोजित छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के दौरान करीब 13,840 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धताओं ने इस क्षेत्र की संभावनाओं को और मजबूत किया है।
फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स में भी बढ़ी संभावनाएं
फार्मास्यूटिकल्स राज्य की नई औद्योगिक तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। पिछले 18 महीनों में फार्मा क्षेत्र में करीब 992.53 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जबकि 216 करोड़ रुपये के चार प्रोजेक्ट कार्यान्वयन के चरण में हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में EMC 2.0 जैसी पहल राज्य को राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने का अवसर देती है।
बस्तर-सरगुजा में स्थानीय संसाधनों से रोजगार
औद्योगिक विकास की रणनीति बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों तक भी पहुंच रही है। वन उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, उद्यमिता और मूल्य संवर्धन के अवसर बढ़ सकते हैं।
सिंगल विंडो से निवेश को गति
निवेश को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो व्यवस्था, SIPB और ऑनलाइन स्वीकृति तंत्र को मजबूत किया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता आधारित सुविधाओं और त्वरित अनुमोदन की व्यवस्था भी की गई है।
संसाधनों से तैयार उत्पाद तक बढ़ता छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के पास खनिज, ऊर्जा और मजबूत औद्योगिक आधार पहले से मौजूद है। अब राज्य का लक्ष्य इन संसाधनों को केवल कच्चे माल के रूप में बाहर भेजने के बजाय उच्च मूल्य वाले उत्पादों में बदलना है। इलेक्ट्रॉनिक्स से ग्रीन स्टील और फार्मा से एआई तक बढ़ता निवेश इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ अपनी औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है।
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