PATHALGAON
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09 Sep 2026
*हाथियों से ज्यादा ‘रील बाजों’ से परेशान वन विभाग,12 हाथियों का दल जंगल में डेरा डाले, इधर कैमरा लेकर पीछे पड़ रहे बच्चे-युवा; पेड़ों पर चढ़कर और करीब जाकर कर रहे छेड़खानी*
Rajesh Agrawal
Khabar Hatkar Verified Reporting Desk
वन विभाग का कहना है कि हाथी कब आक्रामक हो जाएं, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। लगातार पीछा करने, शोर मचाने या छेड़खानी करने से हाथी असहज और आक्रामक हो सकते हैं। ऐसे में कुछ सेकंड की रील या फोटो के लिए जिंदगी दांव पर लगाना भारी पड़ सकता है। रेंजर कृपा सिंधु पैंकरा ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि हाथियों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और किसी भी परिस्थिति में उनके करीब जाकर फोटो-वीडियो बनाने, रील शूट करने, शोर मचाने या उन्हें परेशान करने की कोशिश न करें।
पत्थलगांव- पत्थलगांव वन क्षेत्र में पिछले कई दिनों से एक दर्जन हाथियों की मौजूदगी ने जहां ग्रामीणों की नींद उड़ा रखी है, वहीं अब वन विभाग के सामने एक दूसरी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। विभाग हाथियों की निगरानी और उन्हें आबादी क्षेत्र से दूर रखने में जुटा है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा परेशानी उन ग्रामीण युवाओं से हो रही है, जो हाथियों के साथ खतरनाक तरीके से ‘रील’ बनाने और फोटो-वीडियो शूट करने में जुटे हैं। वन अमले के अनुसार हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही कई बच्चे और युवा मोबाइल कैमरा लेकर मौके पर पहुंच जाते हैं। कोई पेड़ पर चढ़कर हाथियों को परेशान करता है तो कोई बेहद करीब जाकर शोर-शराबा कर उन्हें उकसाने की कोशिश करता है। कई लोग हाथियों के पीछे-पीछे चलते हुए वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। विभाग की बार-बार समझाइश के बावजूद ऐसी हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
*रील के चक्कर में जान जोखिम में -:वन विभाग का कहना है कि हाथी कब आक्रामक हो जाएं, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। लगातार पीछा करने, शोर मचाने या छेड़खानी करने से हाथी असहज और आक्रामक हो सकते हैं। ऐसे में कुछ सेकंड की रील या फोटो के लिए जिंदगी दांव पर लगाना भारी पड़ सकता है।
खासकर बच्चों और युवाओं में हाथियों को करीब से देखने और मोबाइल में कैद करने की होड़ चिंता का विषय बन गई है। विभागीय कर्मचारियों के मुताबिक कई बार उन्हें हाथियों से दूरी बनाए रखने के लिए मौके पर जाकर युवाओं को हटाना पड़ रहा है।
*12 हाथी दो इलाकों में बंटे, लगातार निगरानी -: पत्थलगांव वन क्षेत्र में करीब 12 हाथियों का दल अलग-अलग हिस्सों में विचरण कर रहा है। इनमें लगभग 6 हाथी जोराडोल-तिलडेगा के जंगल क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं, जबकि अन्य 6 हाथी इंजको, छोटा कुनकुरी, बालकपोढ़ी और ईला क्षेत्र के जंगलों में घूम रहे हैं। लंबे समय से हाथियों के इस क्षेत्र में टिके रहने के कारण ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। शाम ढलने के बाद लोग खेतों और जंगल की ओर जाने से बच रहे हैं। वहीं हाथियों की मौजूदगी से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
ग्राम इंजको में किसानों की फसलें रौंदी-:हाथियों के दल ने ग्राम इंजको में किसानों की खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों के अनुसार टंकेश्वर यादव, रेवानंद यादव, इंद्रजीत सिदार, चिंतामणि यादव और कीर्तन राम यादव के खेतों में हाथियों ने पहुंचकर फसलों को बर्बाद किया है। हाथियों द्वारा धान और मक्का की खड़ी फसलों को रौंदने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
*हाथियों के सामने विभाग के इंतजाम पड़ रहे छोटे-:-वन विभाग अपनी ओर से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है और उन्हें आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने का प्रयास कर रहा है। लेकिन एक ओर हाथियों की संख्या और उनका लगातार क्षेत्र बदलना चुनौती बना हुआ है, तो दूसरी ओर ग्रामीणों की लापरवाही स्थिति को और गंभीर कर रही है। रेंजर कृपा सिंधु पैंकरा ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि हाथियों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और किसी भी परिस्थिति में उनके करीब जाकर फोटो-वीडियो बनाने, रील शूट करने, शोर मचाने या उन्हें परेशान करने की कोशिश न करें। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और उन्हें सुरक्षित तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों से दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।।
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