JASHPUR
PATHALGAON
25 Sep 2026
जश लर्न से आसान हुई गणित की पढ़ाई, अंजनी अब जोड़-घटाव के सवाल आसानी से कर रही हल
Rajesh Agrawal
Khabar Hatkar Verified Reporting Desk
कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों का सकारात्मक असर अब बच्चों की पढ़ाई में दिखाई देने लगा है। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की बुनियादी गणितीय समझ मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित जश लर्न कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के जरिए नियमित शैक्षणिक सहयोग दिया जा रहा है। इसका परिणाम है कि गणित में कठिनाई महसूस करने वाले बच्चे अब जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी मूलभूत गणितीय संक्रियाओं को आसानी से समझने और सवाल हल करने लगे हैं।
जशपुरनगर- कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों का सकारात्मक असर अब बच्चों की पढ़ाई में दिखाई देने लगा है। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की बुनियादी गणितीय समझ मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित जश लर्न कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के जरिए नियमित शैक्षणिक सहयोग दिया जा रहा है। इसका परिणाम है कि गणित में कठिनाई महसूस करने वाले बच्चे अब जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी मूलभूत गणितीय संक्रियाओं को आसानी से समझने और सवाल हल करने लगे हैं।
मनोरा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला तिगरा की कक्षा चौथी की छात्रा अंजनी बरुआ भी जश लर्न से लाभान्वित होने वाली छात्राओं में शामिल हैं। अंजनी के पिता ने बताया कि पहले उसे गणित समझने में परेशानी होती थी। कई बार सामान्य गणितीय सवालों को हल करने में भी उसे कठिनाई आती थी। जश लर्न कार्यक्रम के तहत शिक्षिका द्वारा फोन के माध्यम से उसे नियमित रूप से समझाया जाता है। पढ़ाई के दौरान वे स्वयं भी बच्ची के साथ रहते हैं और उसकी सहायता करते हैं। अब अंजनी गणित के प्रारंभिक सवालों को पहले की तुलना में आसानी से हल कर पा रही है।
शासकीय प्राथमिक शाला तिगरा की शिक्षिका अनुराधा पैंकरा ने बताया कि कक्षा में ऐसे बच्चों को चिन्हांकित किया गया है, जिन्हें गणित विषय में अपेक्षाकृत अधिक सहायता की आवश्यकता है। जश लर्न के तहत इन बच्चों को फोन कॉल के माध्यम से जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी मूलभूत गणितीय संक्रियाओं को सरल तरीके से समझाया जाता है। बच्चों से अभ्यास भी कराया जाता है और उनकी शंकाओं का समाधान किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में अभिभावक भी बच्चों के साथ रहते हैं, जिससे घर पर भी अभ्यास जारी रहता है। अब बच्चे स्वयं शिक्षिका के फोन का इंतजार करते हैं और सीखने के प्रति उनमें उत्साह बढ़ा है।
फरसाबहार के पायलट प्रोजेक्ट से पूरे जिले तक पहुंचा जश लर्न
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विगत दिवस अपने निज निवास बगिया से जशपुर जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल जश लर्न का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। फरसाबहार विकासखंड में सफल पायलट परियोजना के रूप में संचालित इस कार्यक्रम को अब जिले के सभी विकास खंडों में लागू किया जा रहा है। जश लर्न के तहत कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के ऐसे विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग दिया जा रहा है, जिन्हें गणित विषय में अतिरिक्त मार्गदर्शन की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी मूलभूत गणितीय संक्रियाओं को समझाने के साथ-साथ नियमित अभ्यास भी कराया जाता है।
अभिभावकों की सहभागिता से घर पर भी जारी है सीखने का सिलसिला
कार्यक्रम में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया है। फोन कॉल के दौरान अभिभावक बच्चों के साथ रहते हैं और शिक्षकों द्वारा बताए गए अभ्यास को घर पर भी जारी रखने में सहयोग करते हैं। इससे बच्चों को विद्यालय के साथ-साथ घर पर भी सीखने का वातावरण मिल रहा है। जश लर्न का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक सीखने का अवसर पहुंचाना, उसकी बुनियादी गणितीय क्षमताओं को मजबूत करना और शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। साथ मिलकर सीखें, आगे बढ़ें की भावना पर आधारित यह पहल बच्चों में गणित के प्रति झिझक कम करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने की दिशा में उपयोगी साबित हो रही है। जशपुर जिले में यह नवाचार बच्चों की सीखने की क्षमता को मजबूत करने के साथ शिक्षा में शिक्षक और अभिभावक की साझेदारी का उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।
Share this update: